क्या परमात्मा को याद करना जरूरी है?
आप सब यह बात जानते हैं की हमारा यह क्षणिक जीवन अनेकों दृश्यों से भरा हुआ है, जिसमें से किसी समय में तो हम सुखी होते हैं , तो किसी समय हम दुख व अशांति से लड़ रहे होते हैं। जब हमारे जीवन में दुख आता है, तो अज्ञानवश हम उस परमेश्वर की ओर इशारा करके उसे उन परिस्तिथियों के लिए दोषारोपित करते हैं, और परमात्मा से पूछते हैं कि उन्होंने हमारे साथ ऐसा क्यों किया। मान लीजिये कि एक महिला, जिसने अभी थोड़े समय पहले गर्भधारण किया है, दुर्भाग्यवश गर्भ में उसके बच्चे की मृत्यु हो जाती है, और मां अपने टूटे हुए सपनों और खुद को संभालती हुई और अपनी शारीरिक व मानसिक पीड़ा से लड़ती हुई परमात्मा से पूछती है कि उन्होंने उसके साथ ऐसा क्यों किया। आपको क्या लगता है की ईश्वर ऐसा क्यों करेंगे ? और हम सभी को भी यह क्यों लगता है कि परमात्मा ऐसा कर सकते हैं? वह जिसे पूरी दुनिया पूजती है, जिसका गुणगान करती है, उस ईश्वर में कुछ तो है जो पूजनीय है। उसमें ऐसे गुण है जो हम अपने लिए भी चाहते हैं, जैसे दया, प्रेम, ...